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Monday, 26 November 2012

सच बोलना ,,


इतिहास भूगोल गणित विज्ञान वगैरा वगैरा
क्या तुमने लिखा था ?
चलना फ़िरना लिखना पढना कमाने लायक बने तुम
क्या तुमने खुद से सीखा था ?
सच बोलना ,,,
आज एक दोयम दर्जे की भाषा में
कविता लिखकर कहते हो कि मेरी है
कितने बेशर्म हो तुम ?
सच बोलना ,,,
इस पुरी कायनात को लिखने वाला तुमसे कब कहने आया
कि यह मेरी है ?
शर्म नही आती तुमको स्वयं को कवि कहते ...
सच बोलना ?


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