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Friday, 25 January 2013

स्वाधीनता का स्वाद


फ़िर आज
झंडा लहराया
फ़ूल बिखरें
तालियों की गडगडाहट के साथ
दी जाने लगी परेड की सलामी
गुंज उठा देश गान
फ़िर एक जोशिला भाषण
फ़िर तालियो की गुंज
अंग-अंग देश प्रेम से सिहर उठा

विशिष्ट लोगो को बांटी जाने लगी मिठाइयो के पैकेट
आम लोगो को लड्डू

कुछ बच्चें जो झुग्गियों झोपडियों के फ़टेहाल घरों से आये थे
हर वर्ष की तरह
एक रोबिलें सिपाही की डांट खाकर
परेड के मैदान से बाहर थे
वही सबसे उत्साहित जोर जोर से तालियां बजा रहे थे
और
अपनी हथेलियों पे चाट रहे थे स्वाधीनता का स्वाद
बुंदिया के दाने कटोरों मे भरना चाहते थे
रोबिला सिपाही डांट कर भगा रहा था ।

देश का झंडा लहरा रहा है
सचमुच मेरा यह देश  महान है ।
------------------शिव शम्भु शर्मा ॥

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