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Monday, 4 March 2013

अजनबी


अजनबी ही होता है वह
जो चलते-चलते राह पर गिरे आदमी को उठाता है
अजनबी   वह भी होता है
जो उस बेसुध का बटुआ उडा ले जाता है

अजनबी ही होते हैं वह
जो भगदड में रौंद कर अजनबियों की जान ले लेते हैं
और पलट कर भी नही देखते

अजनबी ही होता है वह भी
जो खचाखच भरी भीड में खुद उठ कर किसी असमर्थ को बैठने की जगह देता है

अजनबी ही होता है वह
जो ट्रेन से धकिया कर कमजोर बुजुर्ग दंपति को नीचे फ़ेंक देता है
इस बात से बेखर कि गिरने वाले का क्या हुआ ?

अजनबी ही होता है वह
जो खून से लथपथ छटपटाते को देख कर एम्बुलेंस मंगवाता है
अजनबी ही होता है वह भी
जो यह माजरा देखकर कतरा कर निकल जाता है

अजनबी ही होती है कभी वह भी
जिसके साथ  पुरी उम्र कट जाती है
और पता भी नही चलता

अपनी सी वह भी अजनबी ही होती है
जो सारी उम्र तिल तिल कर मरनें को छोड जाती है

अजनबी ही होते है वह भी
जो  खून के रिश्ते से अपने सगे होते हैं
जो किसी मातम या संकट की घडी में झाकनें तक नही आते हैं

इस अजनबियों और अपनों से भरी दुनियां में सबसे पहला अजनबी मैं हूं
जो आजतक नही जान पाया कि असल में अजनबी कौन है ?
मै ?
या फ़िर मेरे बाद की यह पुरी दुनियां ?
-----------------शिव शम्भु शर्मा ।



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