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Thursday, 7 March 2013

प्यार करो पर


प्यार करो पर
अब इतना भी प्यार ना करो अपनी प्रेयसी को
कि शर्मा जाए पिता भाइ बहन का प्यार
लजा जाए उस माँ का प्यार

जिसने तुम्हें सबसे पहले किया था प्यार
और आज भी करती है उतना ही

तुम भी पिता बनोगे
और वह भी एक दिन माँ
बचा रहने दो अपने बच्चों के लिये भी कुछ
सब यूं ही लुटा दोगे तो बचेगा क्या ?

कुएं नदी समंदर की तरह नही हो तुम
कि बहता रहेगा सोता
उमडता रहेगा पानी हमेशा

सूख जाते है सोते
और समुद्र का पानी पीने के लायक नही होता
-------------------शिव शम्भु शर्मा ।

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