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Wednesday, 13 November 2013

सही में


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कोई किसी को याद नही करता
बस एक रस्म निभाई जाती है

तोते की तरह रटते
नल पर बैठते लोग
किसी को याद नही करते

अपने लाल होठों की नुमाइश करते है
जहाँ हर रोज
पर्दे पर एक -एक चेहरा आता है

वहाँ  किसी को याद करने का बोलो
आखिर क्या मतलब रह जाता है ?
--------------------शिव शम्भु शर्मा ।

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