स्वागत है आपका ।

Thursday, 12 December 2013

मीडियां


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हमें मीडियां हांकता है
हर रोज
सुबह से शाम तक

मवेशियो की तरह

एक दुसरे के चारागाह में चरते
दौडते रंभाते
हांफ़ते रहते है
हम
और शाम होते ही कुतरने लग जाते हैं

अपने हिस्से के सबसे
बडी खबर का समय
चुहों की तरह

यह जानते हुए भी कि मीडियां को कौन हांकता है ?
---------------------------शिव शम्भु शर्मा ।

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