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Saturday, 16 March 2013

हरी दुबें


बरसात और ठंड के बाद इस बार

बलुअठ टीले पर कुछ हरी दुबें उग आयी है
पहली बार

अब गुनगुनी धूप तेज होने लगी है
धीरे- धीरें गर्म होने लगी है  हवाये

गुलमोहर की पत्तियां फ़लियां सूख चुकी है
जो फ़िर से खिल उठेगीं जल्द ही

मगर ये हरी दुबें  जल जाएगी
हमेशा हमेशा के लिये

और फ़िर से उजाड हो जायेगा टीला
उदास गुमसुम

नियति के खेल से रूबरू
और बेखबर
---------------शिव शम्भु शर्मा ।

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