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Saturday, 2 March 2013

भलमनसी



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किसी अनजान सडक पर
चलते-चलते
जब आगे पीछे कोई गाडी नही हो

तब मेरे मित्रों को सडक के बीचों बीच
गाडी चलाना बुरा नही लगता
उन्हें इसमे मजा आता है

बुरा मुझे लगता है
नियम हर हाल मे नियम होता है
इसमे  छुपा होता है एक अर्थ

क्या पता कच्ची या पक्की कोई दुसरी सडक
नब्बे के अंश कोण पर आ मिली हो
पॆडों झुरमुटों की कतारों की आड मे छुपी
और चला आ रहा हो कोइ अजनबी
अचानक
कुछ भी हो सकता है

एहतियातन मेरे विचार
मेरे मित्रों से कभी कभी नही मिलते

कई बार विचारो के नही मिलने पर भी
हम अलग नही होते

इसका मतलब यह तो नही होता
कि मित्रता ही समाप्त कर दी जाए

अलग -अलग सोच और वाद के लोग भी
साथ- साथ चल सकते है

जरूरत  है बस केवल एक
भलमनसी की
जो समझ सके
एक भलमनसी को

इतना ही बहुत है
मित्रता  के लिये
-------------शिव शम्भु शर्मा ।

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